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SWAARNIM A2 BILONA GHEE
स्वर्णिम ए2 बिलौना घी
- VEDIC GHEE without the impurities (saturated fat, milk solids).
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A2 GHEE with A2 protein made from A2 Milk of Indian Native Gir Cows.
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0% TRANS FAT no saturated fat
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NON-GMO COWS not a product of genetic modification/engineering techniques.
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GRASS-FED our cows graze in the forest.
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AYURVEDIC products in our modern life bring back a sense of awareness, a sense of passion, purity and an overall feeling of wellbeing and promise.
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SUPPORTING farmers and their cattle.
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Made from A2 Cream.
- Include Swaarnim Jain's A2 Ghee 1000ml in you daily life to get better health.
संक्षिप्त परिचय:
A2 बिलौना घी देसी गाय (A2 breed) के ताज़े दही से पारंपरिक बिलौना विधि द्वारा बनाया जाता है। इसमें प्राकृतिक A2 बीटा-कैसीन प्रोटीन, ओमेगा-3, CLA, विटामिन A, D, E, K और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह पाचन, ह्रदय, मस्तिष्क, हड्डियों और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
प्रकार (Uses के आधार पर)
पाचन सुधारक घी – कब्ज, एसिडिटी, गैस में उपयोगी।
औषधीय घी – आयुर्वेदिक औषधियों के साथ अनुपान के रूप में।
त्वचा एवं बाल पोषण घी – ग्लो, ड्राईनेस, हेयर फॉल में उपयोगी।
योग-आहार घी – ऊर्जा, स्टैमिना और मानसिक शांति के लिए।
डिटॉक्स घी (गृहस्थ पंचकर्म) – गुट क्लीनिंग, ओज बढ़ाने के लिए।
लक्षण — किन लोगों को फायदेमंद
कब्ज, गैस, आम्लपित्त
जोड़ों में दर्द, सूजन
कमज़ोर पाचन, भूख कम
थकान, मानसिक तनाव
त्वचा शुष्क, फटी एड़ियाँ
इम्युनिटी कम
बच्चों में वज़न/ऊर्जा की कमी
बुजुर्गों में कमजोरी
कारण — शरीर में घी की आवश्यकता क्यों बढ़ती है
अत्यधिक मसालेदार, जंक फूड
तनाव, अनियमित भोजन
नींद की कमी
अधिक गर्म प्रकृति, एसिडिटी
पाचन रसों की कमी
शरीर में ओज कम होना
हड्डियों/जोड़ों में सूखापन (Vata बढ़ना)
बचाव (Lifestyle & Prevention)
सुबह गुनगुने पानी के साथ 1–2 चम्मच स्वर्णिम A2 घी
भोजन में रिफाइंड तेल से बचें
रोज हल्की कसरत / योग
तनाव कम करें, नींद पूर्ण लें
धीरे-धीरे खाएं, नियमित भोजन समय रखें
अत्यधिक तला-भुना, फ्राइड चीज़ें कम करें
डाइट चार्ट (A2 घी आधारित)
सुबह:
गुनगुना पानी + 1 चम्मच स्वर्णिम A2 बिलौना घी।
छोटा नाश्ता – मूंग दाल चीला/पोहे/दलिया + ½ चम्मच स्वर्णिम घी।
दोपहर:
रोटी/चावल पर 1 चम्मच स्वर्णिम घी।
दाल-भाजी के साथ सलाद।
दही कम या बिलकुल न लें (एसिडिटी वालों में)।
शाम:
नारियल पानी / हल्का स्नैक।
हरी चाय या अदरक-तुलसी काढ़ा।
रात:
खिचड़ी / दलिया + 1 चम्मच स्वर्णिम घी।
सोने से पहले हल्दी वाला दूध + ½ चम्मच स्वर्णिम घी (जोड़, नींद, तनाव में लाभदायक)।
अपथ्य (क्या न करें)
रिफाइंड/वनस्पति तेलों के साथ मिश्रण
भारी रात का भोजन
चीनी, मैदा, तले-भुने पदार्थ
शराब, स्मोकिंग
ओवरहीटिंग वाले मसाले – लाल मिर्च, गरम मसाले की अधिकता
तुरंत भोजन के बाद लेटना
योगासन (घी के लाभ बढ़ाने वाले)
वज्रासन – पाचन सुधार
पवनमुक्तासन – गैस/कब्ज में
भुजंगासन – ऊर्जा/रक्तसंचार
ताड़ासन – शरीर में संतुलन
शवासन – मानसिक शांति
सूर्य नमस्कार – सम्पूर्ण मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है
आयुर्वेदिक इलाज स्वर्णिम A2 घी के साथ संयोजन
कब्ज: सुबह 1 चम्मच स्वर्णिम घी + रात को हल्के गुनगुने पानी में 1 चम्मच स्वर्णिम घी
एसिडिटी: स्वर्णिम घी + मिश्री को भोजन बाद लें
जोड़ दर्द: स्वर्णिम घी + अश्वगंधा / शुद्ध कुकोत्थी
मानसिक तनाव/नींद: गर्म दूध + स्वर्णिम घी + शंखपुष्पी
इम्युनिटी: स्वर्णिम घी + हल्दी + काली मिर्च
डिटॉक्स: 3–5 दिन घृत सेवन (पंचकर्म शैली)
त्वचा ग्लो: रात को नाभि में घी लगाने से शुष्कता कम