SWAARNIM LUNGS CANCER CARE AYURVEDIC CAPSULE (60)
स्वर्णिम लंग्स कैंसर केयर आयुर्वेदिक कैप्सूल
🫁 लंग्स कैंसर (फेफड़ों का कैंसर) क्या है?
यह एक ऐसा कैंसर है जिसमें फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। यह सांस की नली, फेफड़ों के ऊतक या ब्रॉन्कियल ट्यूब्स को प्रभावित करता है।
🔍 प्रमुख प्रकार
नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC): सबसे सामान्य प्रकार (~85%)
स्मॉल सेल लंग कैंसर (SCLC): तेजी से बढ़ने वाला और अधिक गंभीर
लंग कार्किनॉइड ट्यूमर: दुर्लभ, धीमी गति से बढ़ने वाला
⚠️ लक्षण (Symptoms)
लगातार खांसी या खांसी में खून आना
सांस फूलना या भारीपन
छाती में दर्द
आवाज बैठ जाना
लगातार थकान
भूख की कमी और वजन घटना
बार-बार फेफड़ों में संक्रमण (जैसे निमोनिया)
🧪 मुख्य कारण (Causes)
धूम्रपान (सिगरेट, बीड़ी, हुक्का आदि)
वायु प्रदूषण, धूल, धुआं
एस्बेस्टस, रेडॉन गैस, केमिकल एक्सपोजर
वंशानुगत (Genetic) कारण
इम्यून सिस्टम की कमजोरी
अधिक तला-भुना, रसायन युक्त भोजन
🛡️ बचाव (Prevention)
धूम्रपान पूरी तरह बंद करें
स्वच्छ वायुवातावरण में रहें
गाय के दूध, घी, गोमूत्र और पंचगव्य काढ़ा लें
नियमित योग और प्राणायाम करें
जैविक, सात्विक भोजन अपनाएँ
हर्बल धूप और तुलसी के पौधे घर में रखें
🥗 डाइट चार्ट (Single Line Format)
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🕒 समय
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🍽️ आहार विवरण
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🌅 सुबह
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गुनगुना पानी + गिलोय या तुलसी रस
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🥣 नाश्ता
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अमरूद, आंवला, अनार जैसे एंटीऑक्सिडेंट युक्त फल
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🍱 दोपहर
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मूंग दाल, हरी सब्ज़ियाँ, देसी घी लगी रोटी
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🥤 शाम
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नारियल पानी, अदरक तुलसी का काढ़ा
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🍲 रात्रि
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लौकी या तोरई की सब्ज़ी + हल्की खिचड़ी या रोटी
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👨🍳 विशेष
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भोजन में देसी गाय का घी, हल्दी, सेंधा नमक प्रयोग करें
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🚫 अपथ्य (परहेज़)
धूम्रपान, शराब, तंबाकू
तली-भुनी, मसालेदार चीजें
फ्रिज में रखी बासी वस्तुएं
अधिक नमक, चीनी, मैदा
रसायनयुक्त फल-सब्ज़ियाँ
तनाव और नींद की कमी
🧘♂️ योगासन और प्राणायाम
प्राणायाम: अनुलोम विलोम, भस्त्रिका, नाड़ी शोधन, कपालभाति (धीमी गति से)
योगासन: भुजंगासन, ताड़ासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, वज्रासन
ध्यान: महामृत्युंजय मंत्र, ओम् जप
🌿 🩺 स्वर्णिम लंग्स कैंसर केयर आयुर्वेदिक कैप्सूल
🌿आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों के साथ संयोजन
कचनार गुग्गुल, कचनार छाल, अश्वगंधा, हल्दी, अपामार्ग पाउडर, तुलसी, सहजन छाल, निम्बोली, अदरक, आंवला, अश्वगंध, वासा, घृतकुमारी, लहसुन, काली मिर्च, शिलाजीत, पिपली, दालचीनी, कटुकी, नवसादर, यवक्षार के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।
1 . प्रतिदिन 2 - 2 स्वर्णिम लंग्स कैंसर केयर आयुर्वेदिक कैप्सूल दिन में तीन बार सेवन करें