स्वर्णिम पाइल्स केयर पाइलोरीड ऑइंटमेंट
यह एक आयुर्वेदिक हर्बल फॉर्मूला है जो बवासीर (Piles / Hemorrhoids), भगंदर (Fistula), और गुदा में सूजन, दर्द, जलन, खुजली जैसी समस्याओं में लाभकारी है। यह कैप्सूल रक्तस्राव रोकता है, सूजन कम करता है तथा मल त्याग को सरल बनाकर बवासीर की जड़ से चिकित्सा करता है।
🔶 1. रोग का प्रकार (Piles/बवासीर के प्रकार)
आंतरिक बवासीर (Internal Piles) – गुदा के अंदर सूजन, रक्तस्राव
बाहरी बवासीर (External Piles) – गुदा के बाहर गांठ, सूजन, दर्द
खूनी बवासीर (Bleeding Piles)
बिना खून वाली बवासीर (Dry/Blind Piles)
भगंदर / फिशर (Fistula/Fissure) – गुदा मार्ग में फटना व पस बनना
🔶 2. लक्षण (Symptoms)
मल त्याग के दौरान खून आना
गुदा में सूजन, जलन या खुजली
बैठने में दर्द या असहजता
मल त्याग के बाद भी अधूरा महसूस होना
गुदा के पास गांठ बनना
कब्ज की पुरानी शिकायत
🔶 3. कारण (Causes)
पुरानी कब्ज
ज्यादा मसालेदार भोजन
बैठकर काम करने की आदत
पानी की कमी
गर्भावस्था में बढ़ा हुआ दबाव
ज्यादा वजन उठाना
फाइबर की कमी
🔶 4. बचाव (Prevention Tips)
पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं (8-10 गिलास प्रतिदिन)
हर रोज़ सुबह मल त्याग की नियमित आदत डालें
फाइबर युक्त आहार लें – सलाद, फल, सब्जियाँ
लंबे समय तक बैठने से बचें
शौच को देर तक न रोकें
हल्का व्यायाम या टहलना नियमित रखें
🔶 5. डाइट चार्ट (Diet Plan for Piles Patients)
सुबह: गुनगुना पानी + त्रिफला या ईसबगोल (यदि कब्ज हो)
भीगे हुए किशमिश, अंजीर, बादाम
पपीता / सेब / तरबूज
नाश्ता:ओट्स / दलिया / मूंग चीला + छाछ
दोपहर का भोजन: गेहूं या जौ की रोटी
मूंग दाल / लोकी / परवल जैसी हल्की सब्जी
सलाद + छाछ
शाम का नाश्ता: नारियल पानी / हर्बल चाय
मखाना / भुना चना
रात्रि भोजन (7:30 से पहले): खिचड़ी या दलिया
ताजे फल
सोने से पहले: त्रिफला कैप्सूल + गुनगुना पानी (यदि कब्ज है)
🔶 6. अपथ्य (बचने योग्य चीजें)
मिर्च-मसाले, तीखा भोजन
तला-भुना खाना
मैदा, ब्रेड, फास्ट फूड
शराब, धूम्रपान
बासी भोजन
देर रात खाना या जागना
शौच रोकना या देर तक बैठना
🔶 7. योगासन (Piles में सहायक योग)
वज्रासन (भोजन के बाद करें)
पवनमुक्तासन
मालासन (Squat Pose)
त्रिकोणासन
अश्विनी मुद्रा (Anal muscle contraction)
अनुलोम-विलोम
कपालभाति (हल्के स्तर पर)
🔶 8. Swaarnim Piles Care PILORID+ OINTMENT
मल को मुलायम बनाता है और कब्ज दूर करता है
बवासीर की सूजन, दर्द और जलन कम करता है
रक्तस्राव रोकता है
फिशर और फिस्टुला में भी राहत देता है
प्राकृतिक रूप से बवासीर को जड़ से समाप्त करने में सहायक
🌿आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों के साथ संयोजन
मिनरल ऑयल, मेयुसु बीएल-38, केनारसेल-165, स्टीयरिक एसिड, सिटोस्टेरील अल्कोहल, ईजीएमएस, करंज तेल, नीम तेल, बीएचटी, डीमिनरलाइज़्ड पानी, ईडीटीए, गौमूत्र, प्रोपाइलीन ग्लाइकोल, हल्दी अर्क, सल्फर अर्क, फिटकरी अर्क के साथ रिसर्च अनुसार निश्चित मात्रा में मिलाकर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।
खुराक (Dosage):
1 . 2 – 2 पायलोसिन+ कैप्सूल, दिन में दो बार, भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ
2 . रात्रि सोते वक्त पाइलोरीड मल्हम लगावें